जमीन विवाद से विवादित बयानों तक: रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू क्यों रहे सुर्खियों में?

अंकिता भंडारी प्रकरण के बीच मंत्री रेखा आर्या की शिकायत से फिर चर्चा में आए पुराने विवाद

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड की राजनीति में जारी सरगर्मी के बीच महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू से जुड़ा मामला भी चर्चा में आ गया है। रेखा आर्या की ओर से सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किए जाने और पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की खबरों के बाद यह प्रकरण राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है।

गिरधारी लाल साहू का नाम पहले भी जमीन से जुड़े विवादों, धोखाधड़ी और धमकी के आरोपों, किडनी प्रत्यारोपण संबंधी शिकायत तथा कुछ चर्चित घटनाओं के संदर्भ में सामने आ चुका है। उनके एक बयान को लेकर उत्तराखंड से बिहार तक विवाद हुआ था। हालांकि, विभिन्न मामलों में आरोप, शिकायत, न्यायिक टिप्पणियां और सिद्ध अपराध अलग-अलग बातें हैं। किसी मामले में नाम सामने आने मात्र से किसी व्यक्ति का दोष सिद्ध नहीं होता।

जमीन विवाद: 2016 में दर्ज हुए थे पांच मुकदमे

गिरधारी लाल साहू से जुड़े पुराने मामलों में जमीन विवाद प्रमुख रहा है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, जनवरी 2017 में उत्तराखंड हाईकोर्ट के एक आदेश में उल्लेख किया गया था कि वर्ष 2016 में उनके खिलाफ जमीन से संबंधित पांच मुकदमे दर्ज हुए थे। इन मामलों में धोखाधड़ी और धमकी जैसे आरोप लगाए गए थे।

बताया गया है कि इनमें से तीन मामले नवंबर 2016 में समझौते के आधार पर समाप्त कर दिए गए थे। शेष मामलों की कानूनी स्थिति और अंतिम नतीजों को संबंधित न्यायिक अभिलेखों के आधार पर अलग-अलग देखना आवश्यक है।

किडनी प्रत्यारोपण के नाम पर आश्वासन देने का आरोप

अक्टूबर 2017 में गिरधारी लाल साहू के पूर्व कर्मचारी नरेश गंगवार की शिकायत भी सामने आई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि श्रीलंका जाकर किडनी प्रत्यारोपण कराने के बदले उन्हें पैसे और मकान देने का आश्वासन दिया गया था।

शिकायत के बाद मामले की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई थी। हालांकि, जांच के अंतिम निष्कर्ष और किसी न्यायिक निर्णय की पुष्टि के बिना इन आरोपों को सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

बरेली के जैन दंपति हत्याकांड में भी आया था नाम

गिरधारी लाल साहू का नाम जून 1990 में बरेली के उद्योगपति नरेश जैन और उनकी पत्नी की हत्या के चर्चित मामले के संदर्भ में भी सामने आया था। यह प्रकरण लंबे समय से उनके नाम के साथ जोड़ा जाता रहा है।

हालांकि, इस मामले में उनकी कथित भूमिका, जांच की स्थिति, न्यायिक कार्यवाही और अंतिम फैसले से संबंधित विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। केवल किसी आपराधिक मामले में नाम सामने आने के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।

2004 में हुई थी रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू की शादी

रेखा आर्या और गिरधारी लाल साहू का विवाह 6 जुलाई 2004 को बरेली में हुआ था। उपलब्ध विवरण के अनुसार, यह गिरधारी लाल साहू का दूसरा विवाह था।

हाल में सामने आई शिकायत में रेखा आर्या ने अपनी शादी के साथ एक अन्य विवाह का भी उल्लेख किया है। इस घटनाक्रम ने दोनों के संबंधों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। शिकायत की वास्तविक विषयवस्तु, संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयानों और उपलब्ध दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

बिहार से लड़कियां लाने संबंधी बयान पर हुआ था विवाद

जनवरी 2026 में उत्तराखंड के सोमेश्वर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान गिरधारी लाल साहू का एक बयान विवादों में आ गया था। मंच से की गई टिप्पणी में उन्होंने शादी के लिए बिहार से लड़कियां मिलने की बात कही थी।

बयान सामने आने के बाद बिहार और उत्तराखंड में विरोध हुआ था। टिप्पणी की महिलाओं की गरिमा और विवाह जैसे संवेदनशील विषय के संदर्भ में आलोचना की गई थी। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर गिरधारी लाल साहू को सार्वजनिक बहस के केंद्र में ला दिया था।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को शिवालयों में जल चढ़ाने संबंधी पत्र पर उठा था विवाद

रेखा आर्या भी अपने विभागीय निर्णयों और बयानों को लेकर पहले चर्चा में रही हैं। वर्ष 2022 में उनके विभाग की ओर से जारी एक पत्र को लेकर विवाद हुआ था। इसमें कर्मचारियों, अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से शिवालयों में जल चढ़ाने तथा उसकी तस्वीर साझा करने को कहा गया था।

इस निर्देश पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। सरकारी कर्मचारियों के लिए इस तरह के निर्देश की उपयुक्तता को लेकर भी बहस छिड़ गई थी।

बरेली में सरकारी बोर्ड और लाल-नीली बत्ती वाली गाड़ी का मामला

सितंबर 2024 में बरेली में उत्तराखंड सरकार का बोर्ड और लाल-नीली बत्ती लगी एक गाड़ी को लेकर भी विवाद सामने आया था। इस प्रकरण में रेखा आर्या ने कल्पना मिश्रा और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत से संबंधित विवरणों में आरोप लगाया गया था कि संबंधित महिला ने अपने आधार कार्ड और पासपोर्ट में गिरधारी लाल साहू का नाम तथा बरेली स्थित पते का इस्तेमाल किया। इसके अलावा सात लाख रुपये नकद और सोने जड़ी रुद्राक्ष माला चोरी होने का आरोप भी लगाया गया था। इन आरोपों की स्थिति और जांच के परिणामों की पुष्टि संबंधित अभिलेखों से की जानी चाहिए।

परिवार से जुड़े अन्य विवाद भी रहे सुर्खियों में

जुलाई 2022 में गिरधारी लाल साहू की पहली पत्नी से बेटे रिंकू साहू के खिलाफ बरेली में एक सभा के दौरान भीड़ जुटाने के आरोप में एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई थी।

इसके बाद जनवरी 2023 में बरेली के जोगी नवादा क्षेत्र में उनके भतीजों सौरभ राठौर और टिंकू राठौर से जुड़े विवाद के दौरान फायरिंग की घटना सामने आई थी। इस घटना में कुछ लोगों के घायल होने की खबरें आई थीं। इन घटनाओं ने साहू परिवार से जुड़े विवादों को स्थानीय स्तर पर चर्चा में बनाए रखा।

अंकिता भंडारी प्रकरण के बीच फिर चर्चा में आया मामला

अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच रेखा आर्या की शिकायत और उनके पति से जुड़े पुराने विवादों की चर्चा ने उत्तराखंड के राजनीतिक माहौल में एक नया घटनाक्रम जोड़ दिया है।

हालांकि, इन सभी प्रकरणों की प्रकृति और कानूनी स्थिति अलग-अलग है। कहीं शिकायत दर्ज होने का मामला है, कहीं आरोपों का, तो कहीं विवादित बयान या पारिवारिक घटनाक्रम का। इसलिए प्रत्येक मामले को उसके प्रमाणों, जांच और न्यायिक निष्कर्षों के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।

फिलहाल, रेखा आर्या की हालिया शिकायत से जुड़े घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि, शिकायत में लगाए गए आरोपों का विवरण और संबंधित पक्षों का विस्तृत पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।